दृढ़ संकल्प सकती एकाग्रचित्तता, निरंतर प्रयास सफलता का निश्चित द्वार खोलता है I अगर चींटी की तरह आपने अपने लक्ष के पार्टी दृढ़ संकल्प आ जाये तो आप हर मंजिल को पा सकते है I जिस तरह चींटी हर हाल में बड़े से लक्ष को प्राप्त कर लेती है I उसी तरह आप भी बड़ी से बड़ी सफलता प्राप्त कर सकते है I बसर्ते आप चींटी की तरह अपना न रास्ता बदले न ही निरन्तर प्रयास करना छोड़े I इस संदर्व में शिव मंगल सिंह शुभन की यह पंक्ति काफी सार्थक एवं प्रेरणा दायी है I गति प्रवल पैरो में पड़ी फिर क्यों रहू दर दर फिर जब आज मेरे सामने है I रास्ता इतना पड़ा I जब तक न मंजिल पा सकू तव तक न मुझे विराम है चलना हमारा काम है I

शिविल सेवा की तैयारी एक तपस्या है जो इस तपस्या से विचलित नहीं हुआ वह निश्चित सफल हुआ है I

मेरे अनुसार शिविल सेवा आधुनिक समाये में राज योग है जो गुरु के आर्शीवाद एवं उचित मार्ग दर्शन से आसानी से पाया जा सकता है I

निश्चित सफलता के लिए बेहतर राण निति आवश्यता होती है I सामान्य अध्यन की समग्रता से अध्यन प्रारंभिक एवं मुख्य परीछा के लिए एक साथ सफलता का मार्ग खोलता है I कुछ छात्र प्राम्भिक परीछा की तैयारी से शुरुआत करते है जो घातक है भविष्ये में वैसे छात्रों को मुख्य परीछा में सफल होने में कठिनाई आती है I

ऐच्छिक विषय का चयन सफलता की सबसे महत्वपूर्ण करि है I

सिविल सेवा की तैयारी की सुविधा अब छोटे शहरो में बेहतर हो गई है | विशेस्कर छोटे शहरों में शिक्षक एवं छात्रों के बीच सीधा संवाद छात्रों को बड़ी संख्या में सफल बना रहा है | जो दिल्ली जैसे महानगरों में संभव नहीं है | हाल ही में दरभंगा में तैयारी करते हुए सैकड़ो छात्रों की सफलता इसका प्रमाण है

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